श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.2.28 
কান্দিযা কান্দিযা প্রেমে সব ভক্ত-গণ
উঠেন পডেন পৃথিবীতে অনুক্ষণ
कान्दिया कान्दिया प्रेमे सब भक्त-गण
उठेन पडेन पृथिवीते अनुक्षण
 
 
अनुवाद
भक्तों ने प्रेम के मारे आंसू बहाए और वे बार-बार जमीन पर गिरे और उठे।
 
The devotees shed tears of love and fell to the ground and rose again and again.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)