श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 273
 
 
श्लोक  3.2.273 
ঽপতিত-পাবন কৃষ্ণঽ সর্ব-বেদে কহে
অতএব শাক্ত-সনে প্রভু কথা কহে
ऽपतित-पावन कृष्णऽ सर्व-वेदे कहे
अतएव शाक्त-सने प्रभु कथा कहे
 
 
अनुवाद
सभी वेद कहते हैं कि कृष्ण पतितपावन हैं, पतित आत्माओं के उद्धारक। इसीलिए भगवान ने उस शाक्त से कहा।
 
All the Vedas say that Krishna is the purifier of the fallen, the savior of fallen souls. That is why the Lord said this to that Shakta.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)