श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 2: भगवान के भुवनेश्वर और अन्य स्थानों से जगन्नाथ पुरी तक के यात्रा का वर्णन,  »  श्लोक 271
 
 
श्लोक  3.2.271 
প্রভু বলে,—“আসি আমি ঽআনন্দঽ করিতে
আগে গিযা তুমি সজ্জ করহ ত্বরিতে”
प्रभु बले,—“आसि आमि ऽआनन्दऽ करिते
आगे गिया तुमि सज्ज करह त्वरिते”
 
 
अनुवाद
प्रभु ने कहा, “मैं तुम्हारा ‘आनंद’ भोगने आऊंगा, लेकिन पहले तुम जाओ और व्यवस्था करो।”
 
The Lord said, “I will come to enjoy your ‘pleasure’, but first you go and make arrangements.”
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