श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  3.10.99 
তবে প্রভু যাত্রা দেখি’ সর্ব-গোষ্ঠী-সঙ্গে
আইলা বাসায প্রেমানন্দ সুখ-রঙ্গে
तबे प्रभु यात्रा देखि’ सर्व-गोष्ठी-सङ्गे
आइला वासाय प्रेमानन्द सुख-रङ्गे
 
 
अनुवाद
भगवान ने अपने समस्त पार्षदों के साथ इस उत्सव को देखा और फिर वे आनंदित प्रेम में लीन होकर अपने निवासस्थान पर लौट आये।
 
The Lord witnessed this celebration with all His associates and then, immersed in blissful love, returned to His abode.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)