श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 97
 
 
श्लोक  3.10.97 
বস্ত্র লাগি’ হৈলে দেন পুষ্প-অলঙ্কার
পুষ্পের কঙ্কণ, শ্রী-কিরীট পুষ্পহার
वस्त्र लागि’ हैले देन पुष्प-अलङ्कार
पुष्पेर कङ्कण, श्री-किरीट पुष्पहार
 
 
अनुवाद
भगवान जगन्नाथ को वस्त्र पहनाने के बाद उन्हें फूलों के आभूषणों, फूलों की चूड़ियों, फूलों के मुकुट और फूलों की मालाओं से सजाया गया।
 
After Lord Jagannath is dressed, he is decorated with flower ornaments, flower bangles, flower crown and flower garlands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)