vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा
»
श्लोक 59
श्लोक
3.10.59
দেখিযা অদ্বৈত-আদি সম্মোহ পাইযা
ক্রন্দন করেন সবে শিরে হাত দিযা
देखिया अद्वैत-आदि सम्मोह पाइया
क्रन्दन करेन सबे शिरे हात दिया
अनुवाद
यह देखकर अद्वैत आचार्य और अन्य भक्तगण हतप्रभ हो गए और अपने सिर को हाथों में लेकर रोने लगे।
Seeing this, Advaita Acharya and other devotees were stunned and started crying with their heads in their hands.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×