vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा
»
श्लोक 33
श्लोक
3.10.33
গদাধর পডেন সম্মুখে ভাগবত
শুনিঞা প্রকাশে প্রভু প্রেম-ভাব যত
गदाधर पडेन सम्मुखे भागवत
शुनिञा प्रकाशे प्रभु प्रेम-भाव यत
अनुवाद
जब भी गदाधर भागवतम का पाठ करते, भगवान परमानंद प्रेम के विभिन्न लक्षण प्रकट करते।
Whenever Gadadhara recited the Bhagavatam, the Lord would manifest various signs of ecstatic love.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×