श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 180
 
 
श्लोक  3.10.180 
এ ভক্তের নাম লৈঞা গৌরাঙ্গ ঈশ্বর
’পুণ্ডরীক বাপ’ বলি’ কান্দেন বিস্তর
ए भक्तेर नाम लैञा गौराङ्ग ईश्वर
’पुण्डरीक बाप’ बलि’ कान्देन विस्तर
 
 
अनुवाद
भगवान गौरांग जोर-जोर से रोते हुए इस भक्त का नाम पुकारते थे, “हे पिता, पुण्डरीक!”
 
Lord Gauranga used to call the name of this devotee while crying loudly, “O father, Paundarik!”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)