পাদ-স্পর্শ-ভযে না করেন গঙ্গা-স্নান
সবে গঙ্গা দেখেন, করেন জল-পান
पाद-स्पर्श-भये ना करेन गङ्गा-स्नान
सबे गङ्गा देखेन, करेन जल-पान
अनुवाद
पुण्डरीक विद्यानिधि अपने पैरों से गंगा को छूने के भय से गंगा में स्नान नहीं करते थे। वे केवल गंगा का दर्शन करते और जल पीते थे।
Pundarika Vidyanidhi did not bathe in the Ganges for fear of touching it with his feet. He only visited the Ganges and drank its water.
तात्पर्य
कुछ भक्तगण गंगा में स्नान यह सोचकर नहीं करते कि गंगा जल भगवान कृष्ण के चरण कमलों से निकला हुआ अमृत है। वे गंगा के जल को अपने पैरों से छूने की बजाय उस जल को पीते हैं और गंगा का दर्शन करते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)