श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 164
 
 
श्लोक  3.10.164 
দামোদর-স্বরূপ জিজ্ঞাসে,—“এ-কি কথাকেনে
গাল ফুলিযাছে, কিবা পাইলে ব্যথা”
दामोदर-स्वरूप जिज्ञासे,—“ए-कि कथाकेने
गाल फुलियाछे, किबा पाइले व्यथा”
 
 
अनुवाद
स्वरूप दामोदर ने उससे पूछा, "यह क्या है? तुम्हारे गाल क्यों सूजे हुए हैं? क्या तुम्हें चोट लगी है?"
 
Swarup Damodar asked him, "What is this? Why are your cheeks swollen? Are you hurt?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)