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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
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अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा
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श्लोक 163
श्लोक
3.10.163
দামোদর আসি’ দেখে—তান দুই গাল
ফুলিযাছে, চড-চিহ্ন দেখেন বিশাল
दामोदर आसि’ देखे—तान दुइ गाल
फुलियाछे, चड-चिह्न देखेन विशाल
अनुवाद
जब स्वरूप दामोदर निकट आये तो उन्होंने देखा कि पुण्डरीक विद्यानिधि के गाल थप्पड़ के निशान से सूजे हुए थे।
When Swarup Damodar came near, he saw that Pundrik Vidyanidhi's cheeks were swollen with the marks of the slap.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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