vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा
»
श्लोक 158
श्लोक
3.10.158
তবে পুণ্ডরীক-দেব উঠিলা প্রভাতে
চডে গাল ফুলিযাছে দেখে দুই হাতে
तबे पुण्डरीक-देव उठिला प्रभाते
चडे गाल फुलियाछे देखे दुइ हाते
अनुवाद
जब पुण्डरीक विद्यानिधि सुबह उठे तो उन्होंने अपने हाथों से महसूस किया कि उनके गाल सूजे हुए हैं।
When Pundarika Vidyanidhi woke up in the morning, he felt with his hands that his cheeks were swollen.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×