vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा
»
श्लोक 150
श्लोक
3.10.150
শাস্তি বা প্রসাদ প্রভু স্বপ্নে যারে করে
যে যদি সাক্ষাত লোকে দেখে ফল ধরে
शास्ति वा प्रसाद प्रभु स्वप्ने यारे करे
ये यदि साक्षात लोके देखे फल धरे
अनुवाद
लेकिन यदि भगवान स्वप्न में किसी को दण्ड देते हैं या उस पर दया करते हैं, तो उसका परिणाम सभी को दिखाई देता है।
But if God punishes someone in a dream or shows mercy to him, then the consequences are visible to everyone.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×