श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  3.10.141 
স্বপ্নে প্রেমনিধি-প্রতি প্রেম-দৃষ্টি করি’
দেউলে আইলা দুই ভাই—রাম-হরি
स्वप्ने प्रेमनिधि-प्रति प्रेम-दृष्टि करि’
देउले आइला दुइ भाइ—राम-हरि
 
 
अनुवाद
इस प्रकार दोनों भाई जगन्नाथ और बलराम ने स्वप्न में प्रेमनिधि पर कृपापूर्वक दृष्टि डाली और फिर अपने मंदिर में लौट आये।
 
Thus both the brothers Jagannatha and Balarama looked kindly upon Premanidhi in their dreams and then returned to their temple.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)