vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा
»
श्लोक 140
श्लोक
3.10.140
প্রভু বলে,—“তোরে অনুগ্রহের লাগিযা
তোমারে করিলুঙ্শাস্তি সেবক দেখিযা”
प्रभु बले,—“तोरे अनुग्रहेर लागिया
तोमारे करिलुङ्शास्ति सेवक देखिया”
अनुवाद
प्रभु ने उत्तर दिया, "मैंने तुम पर दया करने के लिए तुम्हें दण्ड दिया है, क्योंकि मैं तुम्हें अपना सेवक मानता हूँ।"
The Lord replied, "I have punished you out of mercy, because I consider you my servant."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×