श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 137
 
 
श्लोक  3.10.137 
“সব অপরাধ প্রভু, ক্ষম’ পাপিষ্ঠেরে
ঘাটিলুঙ্ ঘাটিলুঙ্, প্রভু বলিলুঙ্ তোমারে
“सब अपराध प्रभु, क्षम’ पापिष्ठेरे
घाटिलुङ् घाटिलुङ्, प्रभु बलिलुङ् तोमारे
 
 
अनुवाद
"इस महापापी के अपराध क्षमा करें! मैं पराजित हूँ! क्षमा याचना करता हूँ!"
 
"Forgive the crimes of this great sinner! I am defeated! I beg your pardon!"
तात्पर्य
घाटिलुंग शब्द का अर्थ है "मैं खेद व्यक्त करता हूँ" या "मैं हार स्वीकार करता हूँ।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)