श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 123
 
 
श्लोक  3.10.123 
ভ্রম করাইলা বিদ্যানিধিরে আপনে
ভ্রমচ্-ছেদ-কৃপাও শুনিবা এই-ক্ষণে
भ्रम कराइला विद्यानिधिरे आपने
भ्रमच्-छेद-कृपाओ शुनिबा एइ-क्षणे
 
 
अनुवाद
पहले भगवान ने पुण्डरीक विद्यानिधि को मोहग्रस्त किया, अब तुम सुनोगे कि भगवान ने किस प्रकार उसकी माया नष्ट की।
 
First the Lord bewitched Pundrik Vidyanidhi, now you will hear how the Lord destroyed his illusion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)