vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा
»
श्लोक 115
श्लोक
3.10.115
পরṁ ব্রহ্ম-জগন্নাথ-রূপ-অবতার
বিধি বা নিষেধ এথা না করে বিচার”
परꣳ ब्रह्म-जगन्नाथ-रूप-अवतार
विधि वा निषेध एथा ना करे विचार”
अनुवाद
"परम ब्रह्म ने भगवान जगन्नाथ के रूप में अवतार लिया है। इसलिए उन पर नियम-कानून लागू नहीं होते।"
"The Supreme Brahma has incarnated as Lord Jagannath. Therefore, rules and regulations do not apply to him."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×