पूजा-पाण्डा शब्द का प्रयोग पूजारी पाण्डों या विद्वान पुरोहितों के लिए किया जाता है।पशु-पाल शब्द उन पाण्डों के लिए किया जाता है जो भगवान जगन्नाथ को वस्त्र पहनाते हैं (देखिये चैतन्य-चंद्रोदय-नाटक, अध्याय आठ)।