vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा
»
श्लोक 109
श्लोक
3.10.109
বিদ্যানিধি বলে,—“ভাল, করুক ঈশ্বরে
ঈশ্বরের যে কর্ম, সেবকে কেনে করে
विद्यानिधि बले,—“भाल, करुक ईश्वरे
ईश्वरेर ये कर्म, सेवके केने करे
अनुवाद
पुण्डरीक विद्यानिधि ने कहा, "भगवान् अपनी इच्छानुसार कार्य करते हैं, किन्तु सेवक भगवान् के कार्यों का अनुकरण क्यों करते हैं?
Pundarika Vidyanidhi said, "The Lord acts according to His will, but why do the servants imitate the Lord's actions?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×