श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 104
 
 
श्लोक  3.10.104 
জিজ্ঞাসিলা দামোদর-স্বরূপের স্থানে
“মাণ্ডুযা-বসন ঈশ্বরেরে দেন কেনে
जिज्ञासिला दामोदर-स्वरूपेर स्थाने
“माण्डुया-वसन ईश्वरेरे देन केने
 
 
अनुवाद
उन्होंने स्वरूप दामोदर से पूछा, "भगवान जगन्नाथ को कलफ लगे वस्त्र क्यों चढ़ाए जाते हैं?"
 
He asked Swarup Damodara, "Why are starched clothes offered to Lord Jagannath?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)