श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 10: श्री पुण्डरीक विद्यानिधि की महिमा  »  श्लोक 103
 
 
श्लोक  3.10.103 
মাণ্ডুযা-বসন যে ধরিলা জগন্নাথে
সন্দেহ জন্মিল বিদ্যানিধির ইহাতে
माण्डुया-वसन ये धरिला जगन्नाथे
सन्देह जन्मिल विद्यानिधिर इहाते
 
 
अनुवाद
भगवान जगन्नाथ को कलफ लगे वस्त्र पहने देखकर पुण्डरीक विद्यानिधि को कुछ संदेह हुआ।
 
Seeing Lord Jagannath wearing starched clothes, Pundrik Vidyanidhi became suspicious.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)