vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 1: श्री अद्वैत आचार्य के घर में फिर मिलना
»
श्लोक 252
श्लोक
3.1.252
মুঞি বুদ্ধ, কল্কি, হṁস, মুঞি হলধর
মুঞি পৃশ্নিগর্ভ, হযগ্রীব, মহেশ্বর
मुञि बुद्ध, कल्कि, हꣳस, मुञि हलधर
मुञि पृश्निगर्भ, हयग्रीव, महेश्वर
अनुवाद
"मैं बुद्ध, कल्कि, हंस और हलधर हूं। मैं पृश्निगर्भ हूं, मैं हयग्रीव हूं, और मैं महेश्वर हूं।"
"I am Buddha, Kalki, Hamsa, and Haladhara. I am Prishnigarbha, I am Hayagriva, and I am Maheshwara."
तात्पर्य
इस संदर्भ में श्रीमद भागवतम, प्रथम स्कंध, अध्याय तीन पर चर्चा करनी चाहिए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×