श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 1: श्री अद्वैत आचार्य के घर में फिर मिलना  »  श्लोक 252
 
 
श्लोक  3.1.252 
মুঞি বুদ্ধ, কল্কি, হṁস, মুঞি হলধর
মুঞি পৃশ্নিগর্ভ, হযগ্রীব, মহেশ্বর
मुञि बुद्ध, कल्कि, हꣳस, मुञि हलधर
मुञि पृश्निगर्भ, हयग्रीव, महेश्वर
 
 
अनुवाद
"मैं बुद्ध, कल्कि, हंस और हलधर हूं। मैं पृश्निगर्भ हूं, मैं हयग्रीव हूं, और मैं महेश्वर हूं।"
 
"I am Buddha, Kalki, Hamsa, and Haladhara. I am Prishnigarbha, I am Hayagriva, and I am Maheshwara."
तात्पर्य
इस संदर्भ में श्रीमद भागवतम, प्रथम स्कंध, अध्याय तीन पर चर्चा करनी चाहिए।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)