vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 1: श्री अद्वैत आचार्य के घर में फिर मिलना
»
श्लोक 126
श्लोक
3.1.126
তবে প্রভু সর্ব ভক্ত-গণ করিঽ সঙ্গে
নীলাচল-প্রতি শুভ করিলেন রঙ্গে
तबे प्रभु सर्व भक्त-गण करिऽ सङ्गे
नीलाचल-प्रति शुभ करिलेन रङ्गे
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान् भक्तों सहित प्रसन्नतापूर्वक नीलांचल को चले गये।
After that the Lord happily went to Nilanchal along with the devotees.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×