श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 97
 
 
श्लोक  2.9.97 
দুঃখ পাইঽ মনে তুমি বিরলে বসিলা
আর-বার ভাগবত চাহিতে লাগিলা
दुःख पाइऽ मने तुमि विरले वसिला
आर-बार भागवत चाहिते लागिला
 
 
अनुवाद
“आप हृदय से दुःखी होकर एकांत स्थान पर बैठ गये और पुनः श्रीमद्भागवत का पाठ करने लगे।
 
“You sat down in a secluded place, feeling sad at heart, and again began reciting the Srimad Bhagavatam.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)