श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 93
 
 
श्लोक  2.9.93 
অবোধ পডুযা ভক্তি-যোগ না বুঝিযা
বল্গিযা কান্দযে কেনে,—না বুঝিল ইহা
अबोध पडुया भक्ति-योग ना बुझिया
बल्गिया कान्दये केने,—ना बुझिल इहा
 
 
अनुवाद
“आपकी भक्ति भावना को न समझकर, मूर्ख छात्र यह नहीं समझ सके कि आप क्यों रो रहे थे।
 
“Not understanding your devotion, the foolish students could not understand why you were crying.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)