श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  2.9.92 
উচ্চৈঃস্বর করিঽ তুমি লাগিলা কান্দিতে
বিহ্বল হৈযা তুমি পডিলা ভূমিতে
उच्चैःस्वर करिऽ तुमि लागिला कान्दिते
विह्वल हैया तुमि पडिला भूमिते
 
 
अनुवाद
“तुम जोर-जोर से रोने लगे और आनंद से अभिभूत होकर जमीन पर गिर पड़े।
 
“You began to cry loudly and fell to the ground, overwhelmed with joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)