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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन
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श्लोक 87
श्लोक
2.9.87
কি অপূর্ব শক্তি প্রকাশিলা গৌরচন্দ্র
কে-মতে খাযেন, নাহি জানে ভক্ত-বৃন্দ
कि अपूर्व शक्ति प्रकाशिला गौरचन्द्र
के-मते खायेन, नाहि जाने भक्त-वृन्द
अनुवाद
गौरचन्द्र का ऐसा अभूतपूर्व ऐश्वर्य प्रकट हुआ! भक्त समझ नहीं पा रहे थे कि भगवान ने सब कुछ कैसे खा लिया।
Such unprecedented glory was revealed to Gaurachandra! The devotees were at a loss as to how the Lord had consumed everything.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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