श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 86
 
 
श्लोक  2.9.86 
কতেক বা সন্দেশ, কতেক ফল-মূল
কতেক সহস্র বাটা কর্পূর তাম্বূল
कतेक वा सन्देश, कतेक फल-मूल
कतेक सहस्र बाटा कर्पूर ताम्बूल
 
 
अनुवाद
उन्होंने बड़ी मात्रा में मिठाइयाँ, फल और कंदमूल तथा सुपारी और कपूर से भरे हजारों बर्तन चढ़ाए।
 
They offered large quantities of sweets, fruits and roots and thousands of vessels filled with betel nuts and camphor.
तात्पर्य
शब्द बाटा से तात्पर्य सुपारी रखने के बर्तन से है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)