श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  2.9.83 
দেখিযা প্রভুর অতি আনন্দ-প্রকাশ
দশ-বার পাঞ্চ-বার দেই কোন দাস
देखिया प्रभुर अति आनन्द-प्रकाश
दश-बार पाञ्च-बार देइ कोन दास
 
 
अनुवाद
भगवान के आनंदित स्वरूप को देखकर कुछ सेवकों ने पाँच या दस बार अर्पण किया।
 
Seeing the blissful form of the Lord, some servants offered five or ten times.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)