श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  2.9.8 
এবে শুন চৈতন্যের মহা-পরকাশ
যঙ্হি সর্ব-বৈষ্ণবের সিদ্ধি-অভিলাষ
एबे शुन चैतन्येर महा-परकाश
यङ्हि सर्व-वैष्णवेर सिद्धि-अभिलाष
 
 
अनुवाद
अब भगवान चैतन्य के महाप्रकाश के विषय में सुनिए, जिसके दौरान सभी वैष्णवों को अपनी इच्छाओं की पूर्ति प्राप्त हुई।
 
Now listen to the story of Lord Chaitanya's Mahaprakāśa, during which all Vaishnavas received the fulfillment of their desires.
तात्पर्य
श्री चैतन्यदेव के महा-प्रकाश वर्णन सुनने से वैष्णवों की अभिलाषाएँ पूर्ण होती है ।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)