श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  2.9.75 
পরম প্রকাশ—বৈকুণ্ঠের চূডামণি
ঽকিছু দেহঽ খাইঽ—প্রভু চাহেন আপনি
परम प्रकाश—वैकुण्ठेर चूडामणि
ऽकिछु देहऽ खाइऽ—प्रभु चाहेन आपनि
 
 
अनुवाद
जैसे ही वैकुण्ठ के शिखर रत्न ने अपना ऐश्वर्य प्रकट किया, उन्होंने कहा, "मुझे कुछ खाने को दो।"
 
As soon as the peak jewel of Vaikuntha revealed its opulence, he said, "Give me something to eat."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)