श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 74
 
 
श्लोक  2.9.74 
চম্পক, মল্লিকা, কুন্দ, কদম্ব, মালতীনানা
পুষ্পে শোভে শ্রী-চরণ-নখ-পাঙ্তি
चम्पक, मल्लिका, कुन्द, कदम्ब, मालतीनाना
पुष्पे शोभे श्री-चरण-नख-पाङ्ति
 
 
अनुवाद
वे चरणकमल और पैर के नख विभिन्न पुष्पों से सुशोभित थे, जैसे चम्पक, मल्लिका, कुण्ड, कदम्ब और मालती।
 
Those lotus feet and toenails were adorned with various flowers, such as champaka, mallika, kunda, kadamba and malati.
तात्पर्य
नाख-पांति शब्द का अर्थ पैर के नाखून है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)