श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  2.9.72 
কেহ পূজে করিযাষোডশ উপচারে
কেহ বাষড্-অঙ্গ-মতে, যেন স্ফুরে যাঽরে
केह पूजे करियाषोडश उपचारे
केह वाषड्-अङ्ग-मते, येन स्फुरे याऽरे
 
 
अनुवाद
किसी को सोलह सामग्रियों से पूजा करने की प्रेरणा दी गई, तो किसी को छह सामग्रियों से पूजा करने की प्रेरणा दी गई।
 
Some were inspired to worship with sixteen items, while others were inspired to worship with six items.
तात्पर्य
षढ़-अंग-मते अर्थात् "छह अवयवों वाले" का अर्थ देखने के लिए मध्य-खण्ड (6.33) को देखिए।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)