श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  2.9.66 
পট্ট-নেত, শুক্ল, নীল, সুপীত বসন
পাদ-পদ্মে দিযা নমস্করে সর্ব-জন
पट्ट-नेत, शुक्ल, नील, सुपीत वसन
पाद-पद्मे दिया नमस्करे सर्व-जन
 
 
अनुवाद
सभी ने भगवान के चरण कमलों पर सफेद, नीले और पीले रेशमी वस्त्र अर्पित करते हुए उन्हें प्रणाम किया।
 
Everyone paid their respects to the Lord by offering white, blue and yellow silk clothes at His lotus feet.
तात्पर्य
पट्ट-नेता शब्द रेशम या कृत्रिम रेशम के कपड़े को संदर्भित करता है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)