श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  2.9.60 
জয জয অজামিল-পতিত-পাবন
জয জয পূতনা-দুষ্কৃতি-বিমোচন
जय जय अजामिल-पतित-पावन
जय जय पूतना-दुष्कृति-विमोचन
 
 
अनुवाद
"पतित अजामिल के उद्धारक की जय हो! पूतना को उसके पापों से मुक्त करने वाले की जय हो!
 
"Victory to the savior of the fallen Ajamila! Victory to the one who freed Putana from her sins!
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)