श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  2.9.6 
ভক্ত-গোষ্ঠী সহিত গৌরাঙ্গ জয জয
শুনিলে চৈতন্য-কথা ভক্তি লভ্য হয
भक्त-गोष्ठी सहित गौराङ्ग जय जय
शुनिले चैतन्य-कथा भक्ति लभ्य हय
 
 
अनुवाद
गौरांग और उनके भक्तों की जय हो! भगवान चैतन्य के विषय में कथा सुनने से भक्ति प्राप्त होती है।
 
Glory to Gauranga and his devotees! Listening to the stories about Lord Chaitanya leads to devotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)