|
| |
| |
श्लोक 2.9.52  |
প্রেম-নদী বহে, সর্ব-গণের নযনে
স্তুতি করে সবে, প্রভু অমাযায শুনে |
प्रेम-नदी वहे, सर्व-गणेर नयने
स्तुति करे सबे, प्रभु अमायाय शुने |
| |
| |
| अनुवाद |
| भक्तों की आँखों से प्रेम के आँसू बह निकले। प्रभु ने उनकी प्रार्थनाएँ ध्यानपूर्वक सुनीं। |
| |
| Tears of love flowed from the eyes of the devotees. The Lord listened attentively to their prayers. |
| ✨ ai-generated |
| |
|