श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  2.9.50 
দশাক্ষর গোপাল-মন্ত্রের বিধি-মতে
পূজা-করিঽ সবে স্তব লাগিলা পডিতে
दशाक्षर गोपाल-मन्त्रेर विधि-मते
पूजा-करिऽ सबे स्तव लागिला पडिते
 
 
अनुवाद
दस अक्षरों वाले गोपाल-मंत्र के जप के लिए निर्धारित विधि-विधान के अनुसार भगवान की पूजा करने के बाद, उन्होंने प्रार्थना की।
 
After worshipping the Lord according to the prescribed rituals of chanting the ten-syllable Gopala-mantra, he offered prayers.
तात्पर्य
गौपाल-मंत्र में दस अक्षरों के स्पष्टीकरण के लिए गौतमीय-तंत्र, अध्याय दो, नारद-पंचरात्र, अध्याय दो, श्लोक ३, अध्याय चार, श्लोक ६-८ देखें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)