श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  2.9.42 
নানা বেদ-মন্ত্র পডিঽ সর্ব-ভক্ত-গণ
স্নান করাইযা অঙ্গ করিলা মার্জন
नाना वेद-मन्त्र पडिऽ सर्व-भक्त-गण
स्नान कराइया अङ्ग करिला मार्जन
 
 
अनुवाद
सभी भक्तों ने विभिन्न वैदिक मंत्रों का जाप करते हुए भगवान को स्नान कराया और फिर उनके शरीर को सुखाया।
 
All the devotees bathed the Lord while chanting various Vedic mantras and then dried his body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)