श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.9.39 
শ্রীবাসের দাস-দাসী-গণে আনে জল
প্রভু স্নান করে, ভক্ত-সেবার এই ফল
श्रीवासेर दास-दासी-गणे आने जल
प्रभु स्नान करे, भक्त-सेवार एइ फल
 
 
अनुवाद
श्रीवास के दास-दासियाँ जल लेकर आईं और भगवान को स्नान भी कराया। यह भक्तों की सेवा का फल है।
 
Srivasa's servants brought water and bathed the Lord. This was the reward for serving the devotees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)