श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  2.9.33 
পতি-ব্রতা-গণ করে ঽজয-জযকারঽ
আনন্দ-স্বরূপ চিত্ত হৈল সবার
पति-व्रता-गण करे ऽजय-जयकारऽ
आनन्द-स्वरूप चित्त हैल सबार
 
 
अनुवाद
पवित्र स्त्रियों ने मंगल ध्वनि निकाली, जिससे सभी के हृदय आनंद से भर गए।
 
The holy women made auspicious sounds, which filled everyone's hearts with joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)