श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  2.9.3 
জয নিত্যানন্দ-গদাধরের জীবন
জয জয অদ্বৈত-শ্রীবাস-প্রাণ-ধন
जय नित्यानन्द-गदाधरेर जीवन
जय जय अद्वैत-श्रीवास-प्राण-धन
 
 
अनुवाद
उन प्रभु की जय हो, जो नित्यानंद और गदाधर के जीवन हैं! अद्वैत और श्रीवास के जीवन और धन की जय हो!
 
Glory to the Lord who is the life of Nityananda and Gadadhara! Glory to the life and wealth of Advaita and Srivasa!
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)