श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  2.9.25 
প্রভুর ইঙ্গিত বুঝিলেন ভক্ত-গণ
অভিষেক করিতে সবার হৈল মন
प्रभुर इङ्गित बुझिलेन भक्त-गण
अभिषेक करिते सबार हैल मन
 
 
अनुवाद
भक्तों ने भगवान का संकेत समझ लिया और अभिषेक समारोह करने का निर्णय लिया।
 
The devotees understood the signal from the Lord and decided to perform the Abhishekam ceremony.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)