श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 232
 
 
श्लोक  2.9.232 
জয জয ধ্বনি হৈল বৈষ্ণব-মণ্ডলে
শ্রীধর পাইল বর, শুনিল সকলে
जय जय ध्वनि हैल वैष्णव-मण्डले
श्रीधर पाइल वर, शुनिल सकले
 
 
अनुवाद
श्रीधर को दिया गया आशीर्वाद सुनकर सभी वैष्णवों ने “जय! जय!” का जाप किया।
 
Hearing the blessings given to Sridhar, all the Vaishnavas chanted "Jai! Jai!"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)