श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 226
 
 
श्लोक  2.9.226 
বলিতে বলিতে প্রেম বাডযে শ্রীধরে
দুই বাহু তুলিঽ কান্দে মহা-উচ্চৈঃস্বরে
बलिते बलिते प्रेम बाडये श्रीधरे
दुइ बाहु तुलिऽ कान्दे महा-उच्चैःस्वरे
 
 
अनुवाद
इस प्रकार बोलते हुए श्रीधर का भगवान के प्रति प्रेम बढ़ गया और वे दोनों हाथ ऊपर उठाकर जोर-जोर से रोने लगे।
 
Speaking thus, Sridhar's love for the Lord increased and he raised both his hands and started crying loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)