श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 222
 
 
श्लोक  2.9.222 
প্রভু বলে,—“দরশন মোর ব্যর্থ নয
অবশ্য পাইবা বর, যেই চিত্তে লয”
प्रभु बले,—“दरशन मोर व्यर्थ नय
अवश्य पाइबा वर, येइ चित्ते लय”
 
 
अनुवाद
प्रभु ने कहा, "मेरा दर्शन निष्फल नहीं हो सकता। तुम्हें अपनी इच्छा के अनुसार कोई वरदान अवश्य लेना चाहिए।"
 
The Lord said, "My darshan cannot go in vain. You must take any boon as per your wish."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)