श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 221
 
 
श्लोक  2.9.221 
শ্রীধর বলেন,—“প্রভু, আরো ভাঙ্ডাইবা?
থাকহ নিশ্চিন্তে তুমি, আর না পারিবা”
श्रीधर बलेन,—“प्रभु, आरो भाङ्डाइबा?
थाकह निश्चिन्ते तुमि, आर ना पारिबा”
 
 
अनुवाद
श्रीधर ने उत्तर दिया, "हे प्रभु, क्या आप मुझे फिर से धोखा देंगे? शांत रहें, क्योंकि यह फिर संभव नहीं होगा।"
 
Sridhar replied, "O Lord, will you deceive me again? Be calm, for that will not be possible again."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)