श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 217
 
 
श्लोक  2.9.217 
সে মাযা হৈল চূর্ণ, আর নাহি লাগে
হের দেখ সকল-ভুবনে ভক্তি মাগে
से माया हैल चूर्ण, आर नाहि लागे
हेर देख सकल-भुवने भक्ति मागे
 
 
अनुवाद
"आपका यह गुण अब नष्ट होकर निष्क्रिय हो गया है। देखिए, सारा जगत आपकी भक्ति के लिए लालायित है।"
 
"This quality of yours has now been destroyed and has become inactive. Look, the whole world is eager for your devotion."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)