श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 9: भगवान का इक्कीस घंटे का भावोन्माद और श्रीधर और अन्य भक्तों के लक्षणों का वर्णन  »  श्लोक 215
 
 
श्लोक  2.9.215 
যাহা হৈতে আপনার পরাভব হয
সেই বড গোপ্য, লোকে কাহারে না কয
याहा हैते आपनार पराभव हय
सेइ बड गोप्य, लोके काहारे ना कय
 
 
अनुवाद
"तुम भक्ति से वशीभूत हो, इसलिए यह अत्यंत गोपनीय है। सामान्य लोग इसे नहीं समझते।
 
"You are possessed by devotion, so it is extremely confidential. Ordinary people do not understand it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)